विश्वविद्यालय टीम की कार्रवाई, मोबाइल में तलाशकर लिख रहे थे उत्तर
भंडारा: परीक्षा केंद्र के कमरे में खुलेआम मोबाइल फोन से उत्तर ढूंढकर पेपर हल करने वाले 22 छात्रों पर विश्वविद्यालय की टीम ने निलंबन की कार्रवाई की है. यह चौंकाने वाली घटना 27 दिसंबर को कवि कुलपति कालिदास संस्कृत विद्यापीठ रामटेक की ओर से स्थापित कांद्री स्थित श्री संत गजानन महाराज प्रशासनिक कॉलेज में हुई. फिलहाल विश्वविद्यालय की शीतकालीन परीक्षाएं चल रही हैं. यह घटना तब सामने आई जब नागपुर विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने प्रशासनिक बीए प्रथम वर्ष के योग और जीवन विज्ञान शिक्षा विषय के अंतिम पेपर पर छापा मारा इस वक्त कमरा नंबर एक में 2 और कमरा नंबर दो में कुल 20 छात्रों पर कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के दौरान सभी छात्रों के पास मोबाइल फोन पाए गए, यह छात्र प्रश्नपत्र के प्रश्नों के उत्तर मोबाइल से खोजने और लिखते देखें गए. जब यह परीक्षा चल रही थी तो कमरा नंबर एक में शिवरकर नाम के प्रोफेसर काम कर रहे थे और कमरा नंबर दो में नागपुरे नाम के प्रोफेसर पर्यवेक्षक के तौर पर काम कर रहे थे. अब अहम सवाल यह है कि छात्रों को बिना किसी जांच के खुलेआम मोबाइल ले जाने की इजाजत कैसे दी गई. जिन पर्यवेक्षकों को परीक्षा कक्ष की जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने छात्रों की जांच करने और उन्हें लेकर जाने से क्यों नहीं रोका. इतना ही नहीं, परीक्षा के दौरान फोकस बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उन पर थी. यह सावधानी नहीं बरती गई. इस प्रकार की ढिलाई के लिए ये पर्यवेक्षक भी समान रूप से दोषी हैं. यूनिवर्सिटी इन छात्रों और केंद्राध्यक्ष पर क्या कार्रवाई करती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.