जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जगह का किया निरीक्षण
अमरावती: महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित आदिवासी बहुल क्षेत्र की धारणी शहर में जल्द ही सत्र न्यायालय शुरू होगा. तदनुसार मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधाकर वी. यारलागड्डा ने धारणी शहर में सत्र न्यायालय के अस्थायी स्वरूप और उसके बाद स्थायी स्वरूप की इमारत का निर्माण कार्य करने के लिए जगह का निरीक्षण किया. मेलघाट क्षेत्र महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है, इसलिए यहां अपराध दर अधिक है. इसलिए धारणी और चिखलदरा तहसील में गंभीर अपराधों के आरोपियों को घाट घुमावदार सड़क के माध्यम से परतवाड़ा मैं सत्र न्यायालय तक 100 किमी की यात्रा करनी पड़ती है. मेलघाट में गरीब और मजदूर वर्ग के आरोपियों को सेशन कोर्ट तक जाने के लिए आर्थिक, मानसिक और शारीरिक कष्ट सहना पड़ रहा था. स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ धारणी वकील संघ के अध्यक्ष राजू गोंडाणे व समस्त संघ की ओर से धारणी शहर में सत्र न्यायालय शुरू करने की मांग की थी. निरीक्षण दौरान मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधाकर वी. यरलागड्डा के साथ धारणी के न्यायाधीश इंद्रजीत महादेव कोली, न्यायाधीश ए. ए. चव्हाण, तहसीलदार प्रदीप शेवाले, धारणी वकील संघ के अध्यक्ष राजू गोंडाने, नायब तहसीलदार राजेश माली, एड. संदीपसिंह ठाकुर, एड. संतोष मनवर, एड. नारायण धांडे, एड. शैलेन्द्र ठाकुर, एड. नीलेश चौकसे, एड. सत्यदेव गुप्ता, एड. राशिद, एड. रमीज शेख, एड. भारत मालवीय, एड. सुशील सोनकर, एड. पलसपगार, कलमेकर, एड. मिश्रीलाल कोगेकर, एड. ब्रदर जोश, एड. रिम्मी देशमुख, एड. अर्चना पटेल, एड. आकाश धांडे, एड. अंकित गुप्ता, एड. मिश्रा सहित धारणी वकील संघ के सदस्य उपस्थित थे.