भंडारा: इस समय अरहर की फसल कुछ हद तक फूल आने और दाने भरने की अवस्था में है. बादल छाए रहने के कारण फली छेदक कीट का प्रकोप बढ़ सकता है. इसमें अरहर की फसल पर मुख्य रूप से तीन प्रकार के कीट जैसे फली छेदक, पंख वाली कीट और फली मक्खी देखने को मिलती हैं. ये तीनों कीट कलियों, फूलों और फलियों पर हमला करते हैं, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है, इसलिए समय पर फसल प्रबंधन करना आवश्यक हो गया है. पवनी के तहसील कृषि अधिकारी ने बताया कि पहला को नुकसान हो सकता है, इसलिए समय पर फसल प्रबंधन करना आवश्यक हो गया है. पवनी के तहसील कृषि अधिकारी ने बताया कि पहला छिड़काव 50% पुष्पक्रम पर निम्बोली अर्क 5% या एजाडिरोकेटिन 300 पीपीएम 50 मिली के साथ 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें या क्विनालफॉस 25 व 20 मिली पानी मिलाकर छिड़काव कर सकते है. प्रथम छिड़काव के 15 दिन बाद यदि कीट का प्रकोप बढ़ता हुआ दिखाई दे तो इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी 3 ग्राम या इथियोन 50 प्रतिशत ईसी 25 मिली या क्लोरैनथ्रिनिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एसजी 2.5 मिलीलीटर में से कोई एक कीटनाशक 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जाना चाहिए